योगी आदित्यनाथ
पौड़ी गढ़वाल से लखनऊ — एक सन्यासी की सेवा-यात्रा
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, गोरखनाथ पीठ के महंत और लगातार पाँच बार के लोकसभा सांसद। उनका जीवन साधना, संसदीय सेवा और 'उत्तम प्रदेश' के संकल्प का संगम है।

आज की भूमिकाएँ
लोकजीवन के तीन सबसे महत्वपूर्ण दायित्वों का एक साथ निर्वहन।
मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश
21वें मुख्यमंत्री — लगातार दूसरा कार्यकाल
महंत, गोरखनाथ पीठ
नाथ संप्रदाय की एक प्रमुख पीठ का नेतृत्व
विधायक, उत्तर प्रदेश विधानसभा
गोरखपुर शहरी विधानसभा क्षेत्र
अजय बिष्ट से योगी आदित्यनाथ तक
5 जून 1972 को उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल ज़िले के पंचूर गाँव में अजय सिंह बिष्ट के रूप में जन्म। प्रारंभिक शिक्षा पहाड़ों में पूरी करने के बाद हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय से गणित में बी.एससी. की उपाधि प्राप्त की।
विद्यार्थी जीवन में राष्ट्रीय आंदोलनों — विशेषकर श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन — में सक्रिय रहे। 1993 में नाथ संप्रदाय की परंपरा से प्रभावित होकर गोरखनाथ मठ के महंत अवैद्यनाथ जी से भेंट हुई। अगले ही वर्ष, मात्र 22 वर्ष की आयु में, गृह त्याग कर 'योगी आदित्यनाथ' के रूप में दीक्षित हुए।
उन्होंने मठ के शिक्षण, चिकित्सा और सामाजिक कार्यों — महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद, अस्पतालों एवं विद्यालयों — का दायित्व प्रारंभ से ही संभाला, जो आज भी पूर्वी उत्तर प्रदेश की सेवा कर रहे हैं।
लगातार पाँच बार। बढ़ता जनादेश।
1998 से 2014 तक हर आम चुनाव में गोरखपुर से निर्वाचित। 12वीं लोकसभा के सबसे युवा सांसद — मात्र 26 वर्ष की आयु में।
समितियाँ एवं दायित्व
पाँच कार्यकालों में — खाद्य, विदेश, परिवहन, पर्यटन, संस्कृति एवं पशु कल्याण से जुड़ी समितियों में योगदान।
- खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय की समिति में सदस्य
- गृह मंत्रालय की सलाहकार समिति में सदस्य
- खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण समिति में सदस्य
- पशु कल्याण बोर्ड, नई दिल्ली में सदस्य
- उत्तर प्रदेश गौ सेवा आयोग में सदस्य
- विदेश मंत्रालय की स्थायी समिति में सदस्य
- बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय कोर्ट में सदस्य
- पर्यटन एवं संस्कृति मंत्रालय की स्थायी समिति में सदस्य
- सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की समिति में सदस्य
- वेतन एवं पेंशन संबंधी संयुक्त संसदीय समिति के अध्यक्ष
- अनेक संसदीय स्थायी समितियों में सदस्य
19 मार्च 2017 से आज तक
19 मार्च 2017 को उत्तर प्रदेश के 21वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण। 2022 में 37 वर्षों में पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने लगातार दूसरा कार्यकाल जीता — कानून-व्यवस्था, अवसंरचना और जनकल्याण के बल पर मिला जनादेश।
उनके नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने महामारी के पहले महीनों में ही प्रतिदिन 55,000 कोविड परीक्षण की क्षमता और 1.5 लाख अस्पताल बेडों की व्यवस्था स्थापित की — एक मॉडल जिसका अध्ययन पूरे देश में हुआ।
श्रीराम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा से लेकर 66 करोड़+ श्रद्धालुओं वाले महाकुम्भ 2025 तक — उनके कार्यकाल ने उत्तर प्रदेश की आर्थिक, नागरिक और सांस्कृतिक पहचान को नया रूप दिया है।
जीवन यात्रा
जन्म — पंचूर, उत्तराखंड
5 जून को अजय सिंह बिष्ट के रूप में पंचूर गाँव, पौड़ी गढ़वाल में जन्म।
बी.एससी. (गणित) — गढ़वाल विश्वविद्यालय
हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय से गणित में स्नातक की उपाधि।
गोरखनाथ मठ में दीक्षा
महंत अवैद्यनाथ के शिष्य बनकर 'योगी आदित्यनाथ' का नाम धारण किया।
पहली बार सांसद — गोरखपुर
26 वर्ष की आयु में 12वीं लोकसभा में सबसे युवा सांसद के रूप में निर्वाचित।
हिन्दू युवा वाहिनी की स्थापना
सांस्कृतिक और सामाजिक चेतना के लिए हिन्दू युवा वाहिनी का गठन।
लगातार चौथी बार सांसद
गोरखपुर से 4,03,143 मतों के साथ रिकॉर्ड जीत; 68.79% मत प्रतिशत।
गोरखनाथ मठ के महंत
गुरु महंत अवैद्यनाथ के देहावसान के बाद गोरखनाथ मठ के महंत बने।
मुख्यमंत्री — पहला कार्यकाल
19 मार्च को उत्तर प्रदेश के 21वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण।
कोविड-19 — मॉडल प्रबंधन
प्रतिदिन 55,000 परीक्षण क्षमता एवं 1.5 लाख अस्पताल बेड का त्वरित विस्तार।
ऐतिहासिक पुनर्निर्वाचन
37 वर्षों में पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने लगातार दूसरा कार्यकाल जीता।
श्री राम मंदिर — प्राण-प्रतिष्ठा
अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा का ऐतिहासिक अवसर।
महाकुम्भ — प्रयागराज
66 करोड़+ श्रद्धालुओं के साथ मानव इतिहास का सबसे बड़ा आयोजन।

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